लॉकडाउन ने हमारे जीवन में कई बदलाव लाए, जिनमें से सबसे बड़ा बदलाव था घर में रहना और हर छोटी-छोटी चीज़ का मज़ाक़ में लेना। इस मुश्किल वक्त में हास्य और मज़ाक हमारी सबसे बड़ी ताकत बने। लॉकडाउन के दौरान हम सबने कई ऐसे पल देखे, जो आज हमें हँसाते हैं और याद दिलाते हैं कि कठिनाइयों में भी हँसना जरूरी है। इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं 450+ हिंदी में लॉकडाउन चुटकुले, जो आपके चेहरे पर मुस्कान जरूर लाएंगे। चाहे आप अकेले हों या परिवार के साथ, ये मज़ेदार जोक्स हर किसी के लिए हैं। आइए इस संग्रह के ज़रिए लॉकडाउन के दिनों को फिर से याद करें और हँसी के फुहार में खो जाएं।
लॉकडाउन के मजेदार चुटकुले
- लॉकडाउन में डॉक्टर ने कहा – “घर पर रहो और सोशल डिस्टेंसिंग रखो।” मैंने कहा – “डॉक्टर साहब, मैं तो घर में ही हूँ, बाहर जाने का क्या मतलब?” डॉक्टर: “घर के अंदर से भी दूर रहो अपनी बीवी से!”
- लॉकडाउन में ऑफिस वर्चुअल हो गया, बॉस बोला – “क्लास में ध्यान दो।” मैंने कहा – “बैठा हूँ यार, बैलेंस कम है, वाईफाई भी प्लीज चेक कर लो।”
- लॉकडाउन में सबसे बड़ा सवाल – “घर में कब तक रहेंगे?” पापा बोले – “जब तक WiFi चलता रहेगा।”
- लॉकडाउन में वजन बढ़ गया, डॉक्टर बोले – “इतना वजन बढ़ाओगे तो लॉकडाउन बाद घर से बाहर नहीं निकल पाओगे।”
- लॉकडाउन में बच्चों से कहा – “फोन छोड़ो, बाहर खेलो।” बच्चों ने कहा – “पापा, बाहर लॉकडाउन है, डर लगता है।”
- लॉकडाउन में शादीशुदा आदमी की दुआ – “कृपया जल्दी से जल्दी ऑफिस खुल जाए।”
- लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लासेज के लिए सबसे बड़ा दुश्मन – पावर कट।
- लॉकडाउन में घर में सब एक-दूसरे के बॉस बन गए।
- लॉकडाउन के दिन ऐसे गुजरे, जैसे मोबाइल का नेटवर्क – कभी अच्छा, कभी खराब।
- लॉकडाउन में जब खाना खत्म हो गया तो माइंड भी लॉक हो गया।
परिवार के साथ लॉकडाउन जोक्स
- लॉकडाउन में परिवार का मतलब – सब एक साथ, और ज्यादा लड़ाई।
- घर की रसोई में सबकी लाइन लगी – ‘आज क्या बनेगा?’
- लॉकडाउन में पापा बोले – “लोग कह रहे हैं बाहर मत जाओ, पर मुझे बाहर नहीं जाना है, मुझे बाहर आने दो!”
- लॉकडाउन में मां ने कहा – “अरे बेटा, हाथ धोना मत भूलना।” बेटा – “मां, इतनी बार हाथ धोऊं कि हाथ में स्किन न रह जाए।”
- लॉकडाउन में परिवार के साथ फिल्म देखना मतलब – 10 लोग 10 अलग-अलग चैनल देख रहे हैं।
- लॉकडाउन में बच्चो ने पढ़ाई नहीं की, लेकिन मां ने पढ़ाई जरूर कर ली – लड़ाई में।
- लॉकडाउन में दादी ने कहा – “तुम सब तो अबतक घर के सोफे के ही कब आंगन बन गए।”
- लॉकडाउन में पापा को ऑफिस का काम समझाना मतलब – कागज़ पढ़ाना और फिर वीडियो कॉल में पढ़ाना।
- लॉकडाउन में परिवार का ‘खाना खाओ’ एक नई भाषा बन गया।
- लॉकडाउन में बहन-भाई की लड़ाई के लिए बस एक ही शब्द – ‘फेसबुक पोस्ट’।
ऑनलाइन क्लासेज और काम के चुटकुले
- ऑनलाइन क्लास में टीचर बोले – “सब माइक बंद करो।” मैंने सोचा – माइक बंद करूँ या नींद खोलूँ?
- वर्क फ्रॉम होम का मतलब – ऑफिस की कुर्सी छोड़ो, घर की कुर्सी पर पसरो।
- ऑनलाइन मीटिंग में बॉस बोले – “कंप्यूटर ऑन रखो।” मैंने कहा – “कंप्यूटर तो ऑन है, मैं तो सो रहा हूँ।”
- ऑनलाइन क्लास में बच्चे – “सर, इंटरनेट स्लो है।” टीचर – “इंटरनेट नहीं, तुम्हारा ध्यान स्लो है।”
- वर्क फ्रॉम होम का सबसे बड़ा फायदा – पजामा पहनकर काम करना।
- ऑनलाइन क्लास में सबसे बड़ा डर – ‘म्यूट’ करना भूल जाना।
- ऑफिस की मीटिंग में कहा गया – “ड्रेस कोड फॉर्मल।” घर से बस वेस्टर्न पजामा।
- ऑनलाइन क्लास में जब ‘कनेक्शन लुप’ आता है तो समझो भगवान आया है।
- वर्क फ्रॉम होम में बॉस की आवाज़ सुनाई नहीं देती, पर चाय की आवाज़ बहुत आती है।
- ऑनलाइन मीटिंग में माइक ऑन कर दिया तो पूरा घर सुन लेता है।
लॉकडाउन की हंसी-मजाक की जिंदगी
- लॉकडाउन ने सिखाया – घर पर रहो, लेकिन मज़ाक़ करना मत छोड़ो।
- लॉकडाउन में सबसे बड़ी खुशी – बाहर निकलने की अनुमति मिलना।
- लॉकडाउन में गाना-बजाना हुआ सोशल मीडिया का मुख्य टॉपिक।
- घर की दीवारों से बातचीत हो गई सबसे बड़ी दोस्त।
- लॉकडाउन ने दिखाया कि हँसना सबसे बड़ा इलाज है।
- सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब – मज़ाक में दूरी, प्यार में करीब।
- लॉकडाउन में सबका नया कौशल – Zoom कॉल में हंसना।
- घर पर रहकर भी लोगों ने सोशल नेटवर्किंग से दूरी नहीं बनाई।
- लॉकडाउन ने रिश्तों को नजदीक भी किया और दूरी भी।
- लॉकडाउन के बाद लोगों ने सबसे ज्यादा मिस किया – पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पिज़्ज़ा।
परिवार की झगड़े और लॉकडाउन
- लॉकडाउन में घर की सबसे बड़ी लड़ाई – रिमोट कंट्रोल को लेकर।
- लॉकडाउन में पापा और मम्मी के झगड़े भी वर्चुअल हुए।
- बच्चे बोले – “लॉकडाउन में पढ़ाई भी झगड़ा है।”
- घर के अंदर ‘चुप रहो’ और ‘चुप रहना मत’ में बड़ा फर्क है।
- लॉकडाउन में बहनों ने भाईयों को पहचाना, पर साथ नहीं दिया।
- लॉकडाउन में घर के सारे झगड़े फेसबुक लाइव में आए।
- पापा बोले – “अब तो बाहर मत निकलो, नहीं तो घर के अंदर ही झगड़ा होगा।”
- लॉकडाउन में ‘तुम’ और ‘तुम्हारा’ सुनना सबसे बड़ी चुनौती।
- झगड़े के बाद मां बोली – “इतना झगड़ोगे तो लॉकडाउन खत्म नहीं होगा।”
- लॉकडाउन में परिवार का मतलब – ज़िंदगी की ‘रीमोट कंट्रोल’।
लॉकडाउन और स्वास्थ्य के चुटकुले
- लॉकडाउन में सबसे बड़ा डर – वज़न बढ़ना।
- जिम बंद, तो वजन बढ़ा, डॉक्टर बोले – “अब पिकनिक करना बंद करो।”
- लॉकडाउन में हेल्थ टिप्स – जरा थोड़ा घर के आस-पास टहलो, नहीं तो फ्रिज के पास से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।
- डॉक्टर बोले – “मास्क पहनकर रहो।” मैंने कहा – “मास्क उतारो, खाना खाते-खाते दिमाग नहीं चलता।”
- लॉकडाउन में योगा की जगह टीवी देखकर स्लीप ज्यादा हुआ।
- लॉकडाउन में घर पर खाना बना, लेकिन हेल्दी नहीं।
- स्वास्थ्य विभाग बोले – “साफ-सफाई रखो।” पर घर में बच्चे और कुत्ता दोनों मिल गए।
- लॉकडाउन में वजन बढ़ा, डॉक्टर बोले – “अब तुम लॉकडाउन नहीं, जिम में लॉक हो।”
- लॉकडाउन में पानी ज्यादा पीयो, लेकिन फ्रिज का पानी।
- लॉकडाउन में बॉडी बनी नहीं, पर भूख बड़ी।
लॉकडाउन में बच्चों के चुटकुले
- लॉकडाउन में बच्चे बोले – “स्कूल नहीं जाएंगे, घर ही स्कूल है।”
- पढ़ाई का मतलब – मम्मी का चिल्लाना और बच्चे की नाक-भौं।
- लॉकडाउन में बच्चों ने सीखा – मोबाइल ज्यादा, पढ़ाई कम।
- लॉकडाउन में बच्चे बोले – “हम भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं।”
- बच्चे बोले – “टीचर हमें स्कूल भेजती, तो हम नाटक करते।”
- लॉकडाउन में बच्चों ने मां को नया शिक्षक माना।
- लॉकडाउन में बच्चों ने ‘ऑनलाइन गेम’ को ‘ऑनलाइन क्लास’ से ज्यादा पसंद किया।
- बच्चों का सबसे बड़ा सवाल – “कब तक रहेगा लॉकडाउन?”
- बच्चे बोले – “घर पर रहना अच्छा है, पर दोस्तों से मिलना चाहिए।”
- लॉकडाउन में बच्चे टीवी देखकर बड़े हो गए।
घर की नई आदतें और लॉकडाउन
- लॉकडाउन में घर की नई आदत – सब एक साथ खाना।
- घर की दीवारें सुनने लगीं सारे राज।
- लॉकडाउन में सबने सीखा – सफाई से बड़ा कोई औषधि नहीं।
- टीवी और मोबाइल दोनों साथ चलते रहे।
- लॉकडाउन में घर की रसोई से तला-भुना खुशबू नहीं, नाश्ता बनाना आ गया।
- लॉकडाउन में परिवार के साथ खेलना नया शौक बन गया।
- घर की नयी ड्रेस कोड – पजामा और चप्पल।
- लॉकडाउन में घर के सभी उपकरण काम करने लगे, खासकर फ्रिज।
- घर के अंदर सबने नया नाम दिया – ‘लॉकडाउन कैसल’।
- लॉकडाउन में टीवी रिमोट के लिए लड़ाई रोज़ की बात हो गई।
लॉकडाउन में रिश्तों के मजेदार पहलू
- लॉकडाउन में रिश्तों का मतलब – पास रहो, पर सोशल डिस्टेंसिंग।
- घर में प्यार भी और लड़ाई भी ज्यादा हुई।
- रिश्तों में लॉकडाउन ने नई ऊर्जा भी दी।
- प्यार का मतलब – साथ रहना, लेकिन थोड़ी दूरी भी रखना।
- लॉकडाउन में सबसे ज्यादा मिस किया – दोस्तों का हँसना।
- रिश्तों की दूरी बढ़ाने में सोशल मीडिया का बड़ा रोल।
- लॉकडाउन में प्यार और झगड़े, दोनों का टाइम मिला।
- रिश्तों की परीक्षा – लॉकडाउन।
- लॉकडाउन में दूर रहकर भी दिल जुड़े।
- लॉकडाउन के बाद रिश्तों की अहमियत समझ आई।
सोशल मीडिया और लॉकडाउन जोक्स
- लॉकडाउन में सबसे ज्यादा टाइम सोशल मीडिया पर।
- फेसबुक पर पोस्ट – “घर पर रहो, सुरक्षित रहो।”
- इंस्टाग्राम पर #लॉकडाउन_मस्ती ट्रेंड।
- सोशल मीडिया ने लॉकडाउन की थकान दूर की।
- व्हाट्सएप पर जोक्स भेजना आम बात हो गई।
- सोशल मीडिया से पता चला, घर में कौन क्या कर रहा है।
- लॉकडाउन में सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल बढ़े।
- सोशल मीडिया ने लोगों को जोड़ा, लेकिन स्क्रीन ने दूर किया।
- फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लॉकडाउन की कहानियां।
- सोशल मीडिया ने हंसी-खुशी की डोज़ दी।
खाने-पीने और लॉकडाउन के चुटकुले
- लॉकडाउन में खाना बनाना सबका नया शौक।
- रसोई में सब शेफ बन गए, पर खाना वही पुराना।
- लॉकडाउन में ज्यादा खाने से वजन बढ़ा, डॉक्टर बोला – “अब घर से बाहर मत निकलो।”
- लॉकडाउन में बाहर का खाना याद आ गया, पर बचा नहीं।
- लॉकडाउन में मिठाई ज्यादा खाने का बहाना – ‘अखबार पढ़ने के लिए।’
- खाना खाते-खाते परिवार की नई लड़ाई।
- लॉकडाउन में फ्रिज का दरवाजा खुलने का नंबर तय हो गया।
- खाना बनाना आसान नहीं, लॉकडाउन ने ये बताया।
- लॉकडाउन में खाने की क्वालिटी पर ध्यान देना पड़ा।
- खाना खाकर घर पर रहना, पर वजन बढ़ाकर बाहर निकलना मुश्किल।
लॉकडाउन में घर की सफाई के मजेदार पल
- लॉकडाउन में घर की सफाई रोज़ का टास्क।
- सफाई करते-करते पता चला, घर कितना गंदा था।
- लॉकडाउन में सफाई की कसम, हर दिन वही पुराना झाड़ू।
- सफाई में मन लगाना, लेकिन आराम भी चाहिए।
- लॉकडाउन में पापा की सफाई की सलाह – “थोड़ा और साफ करो।”
- सफाई के बहाने टीवी देखने का मौका।
- लॉकडाउन में सफाई का मतलब – पुरानी चीज़ें फेंकना।
- सफाई करते-करते परिवार की बातें भी हो जाती हैं।
- सफाई के बाद घर चमकता है, लेकिन थकान भी आती है।
- लॉकडाउन में सफाई ने घर को नया रूप दिया।
लॉकडाउन में मज़ाक़ और हँसी का महत्व
- लॉकडाउन में हँसी-खुशी सबसे बड़ा इलाज।
- मज़ाक ने तनाव को कम किया।
- लॉकडाउन में चुटकुले सभी की ज़ुबान पर।
- हँसी ने घर के माहौल को खुशनुमा बनाया।
- लॉकडाउन के दिनों में हँसी सबसे बड़ा साथी।
- मज़ाक से दूर हुई अकेलापन।
- चुटकुले सोशल मीडिया पर खूब शेयर हुए।
- हँसी ने मनोबल बढ़ाया।
- मज़ाक ने घर के लोगों को जोड़ा।
- लॉकडाउन में हँसी ने ज़िंदगी को आसान बनाया।
लॉकडाउन के बाद की उम्मीदें और मज़ाक
- लॉकडाउन खत्म होगा और हँसी लौटेगी।
- ऑफिस वापस जाएगा और मज़ाक फिर शुरू होंगे।
- दोस्तों से मिलेंगे और पुराने जोक्स याद आएंगे।
- पब्लिक प्लेस पर जाने की खुशी।
- लॉकडाउन के बाद ज़िंदगी फिर से रंगीन होगी।
- हँसी के पल और भी खास होंगे।
- परिवार के साथ ज्यादा मस्ती।
- लॉकडाउन की यादें, हँसी के साथ।
- ज़िंदगी की नई शुरुआत, मज़ाक के साथ।
- लॉकडाउन ने सिखाया, हँसी हमेशा ज़रूरी है।
लॉकडाउन के अनोखे अनुभवों पर चुटकुले
- लॉकडाउन में सुबह उठना और ऑफिस जाना अब सपना सा लगने लगा।
- घर पर रहकर भी ऑफिस की मीटिंग से बचना मुश्किल।
- लॉकडाउन में सबको नया हुनर मिला – ज़ूम कॉल करना।
- लॉकडाउन में मम्मी की नसीहत – “इतना मोबाइल मत चला, आँख खराब हो जाएगी।”
- लॉकडाउन में पापा की सबसे बड़ी चिंता – बिजली बिल।
- लॉकडाउन में खुद को सुपर हीरो समझने लगे – “मैंने घर को साफ रखा।”
- लॉकडाउन में सबके पास एक ही जवाब – “वायरस से बचो, लेकिन हँसी मत छोड़ो।”
- घर के सभी सदस्य एक-दूसरे के साथ एक नया रिश्ता बनाने लगे।
- लॉकडाउन में टीवी पर पहले से ज्यादा अच्छी-ख़ासी खबरें आई।
- लॉकडाउन ने सिखाया – छोटी-छोटी चीज़ों में खुशी ढूंढ़ो।
लॉकडाउन में रिश्तेदारों के मज़ेदार पहलू
- लॉकडाउन में रिश्तेदारों से बात करना ऑनलाइन हो गया।
- वीडियो कॉल में सबने दिखाया अपना नया लुक।
- रिश्तेदारों के सवाल – “खाना बना रहे हो या ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हो?”
- लॉकडाउन में सबसे ज्यादा कॉल आए रिश्तेदारों के।
- रिश्तेदारों ने लॉकडाउन में भी सलाह देना नहीं छोड़ा।
- लॉकडाउन में रिश्तेदारों के मज़ेदार सवाल – “तुम्हारे घर में भी लॉकडाउन है?”
- वीडियो कॉल पर सबने एक-दूसरे के बच्चे दिखाए।
- लॉकडाउन में रिश्तेदारों की बात सुनकर हँसी आई।
- लॉकडाउन में रिश्तेदारों से दूरी जरूरी, पर बात करनी जरूरी।
- लॉकडाउन ने रिश्तों को नई दिशा दी।
लॉकडाउन में मज़ेदार सोशल डिस्टेंसिंग जोक्स
- सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब – “घर के बाहर रहो, भले अंदर ही क्यों न हो।”
- लॉकडाउन में सबसे कठिन काम – सोशल डिस्टेंसिंग रखना।
- सोशल डिस्टेंसिंग में सबसे ज्यादा परेशान – बच्चे।
- सोशल डिस्टेंसिंग का सबसे मज़ेदार फायदा – गले लगाने से बचना।
- सोशल डिस्टेंसिंग में घर के अंदर भी दूरी जरूरी।
- सोशल डिस्टेंसिंग पर मज़ाक – “तुम्हारा दिमाग भी दूरी बनाए रखे।”
- सोशल डिस्टेंसिंग से घर का माहौल बदला।
- लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग से बचने के लिए सबने नए तरीके निकाले।
- सोशल डिस्टेंसिंग में घर के सदस्य भी दूरी पर।
- लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग सबसे बड़ा नियम।
